
खेत की मेड़ से जंतर-मंतर तक
जन-लोकपाल से कृषि क़ानूनों तक, अग्निपथ से चानौत के पानी तक, मनीषा के न्याय से मेवात के भाईचारे तक: 150 से अधिक आंदोलनों में शांति और संयम के साथ।
राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन
जन-लोकपाल आंदोलन, 2012
अन्ना हज़ारे के नेतृत्व में चले जन-लोकपाल आंदोलन में सक्रिय भूमिका; जन-लोकपाल बिल और काला धन वापसी के लिए धरने।
जाट आरक्षण आंदोलन, 2016
लाखों लोगों को एकजुट कर शांतिपूर्ण नेतृत्व; टीम के साथ मिलकर ₹8 लाख इकट्ठा कर गिरफ़्तार साथियों के परिवारों की मदद।
महा-किसान आंदोलन, 2018
सरकार के कृषि-विरोधी फ़ैसलों के विरोध में किसानों के हक़ की आवाज़।
कृषि क़ानूनों के विरुद्ध
दिल्ली को चारों तरफ़ से बंद करने का प्रस्ताव हमारी ओर से रखा गया, जिसे किसान नेताओं ने सर्वसम्मति से माना।
मैं भी एक किसान का बेटा हूँ, ये लड़ाई हमारे हक़ के लिए है। जान जाए या सिर फूटे, पर अपने अन्नदाताओं के लिए हमेशा तैयार रहूँगा।हर्ष छिकारा, सितंबर 2020
भिवानी: 26 जनवरी की तैयारी, जनवरी 2021
सिंघु बॉर्डर, दिसंबर 2020
धरनास्थल पर फल व जल-सेवा, नवंबर 2020
किसान नेता राकेश टिकैत के साथ, जनवरी 2021
तीनों क़ानून वापस: जीत की ख़ुशी, नवंबर 2021
धरनास्थल पर किसानों के बीच, जनवरी 2021
तिरंगे के साथ किसान-पुत्र, जनवरी 2021
धरनास्थल पर लंगर, जनवरी 2021
किसानों का जनसैलाब, सितंबर 2020
जींद: बांस मंडी धरना, सितंबर 2020
पंजाब से आए किसानों की सेवा, नवंबर 2020
निहंग सिंहों के साथ, दिसंबर 2020
झुग्गीवासियों ने किया किसानों का धन्यवाद, दिसंबर 2020
धरनास्थल से संबोधन, जनवरी 2021
बुज़ुर्ग किसानों के बीच, दिसंबर 2020
भारत बंद की तैयारी, फ़रवरी 2021
साथियों की रिहाई, जून 2021
किसानों के हक़ में फ़ैसला, मई 2021
आंदोलन की रातें, दिसंबर 2020
धरनास्थल पर किसानों के साथ, जनवरी 2021
किसान एकता, सितंबर 2020किसान, जवान और गाँव: निरंतर संघर्ष
जींद: अग्निपथ महापंचायत, जून 2022
अग्निपथ के विरोध में पैदल यात्रा का आह्वान
रोहनात महापंचायत, अगस्त 2022
अनंगपुर महापंचायत, जुलाई 2025
हरिद्वार: किसानों के बीच, अगस्त 2025
पिपली जन-क्रांति रैली, मार्च 2026
हरिद्वार टोल: घायल किसानों के बीच, अगस्त 2025
किसानों के साथ ट्रैक्टर मार्च, अगस्त 2023
किसान-मज़दूर के हक़ की आवाज़, दिसंबर 2025
जंतर-मंतर पर पहलवानों का समर्थन, अप्रैल 2023
पहलवानों के साथ, जनवरी 2023
जंतर-मंतर से संबोधन, मई 2023
HAU हिसार: छात्र न्याय महापंचायत, जून 2025
जंतर-मंतर: छात्रों को संबोधन, जुलाई 2026
जंतर-मंतर पर पूरी रात, जुलाई 2026
PGIMS रोहतक: ठेका-प्रथा के विरुद्ध, जुलाई 2025
जंतर-मंतर: छात्रों पर वाटर कैनन, 20 जुलाई 2026
जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज, 20 जुलाई 2026
पहलवानों के समर्थन में जंतर-मंतर, मई 2023पानी के हक़ की लड़ाई: 61 दिन, एक जीत
गाँव के खेतों से होकर भाखड़ा की पाइपलाइन हांसी शहर तक बिछ रही थी, लेकिन गाँव को उसमें से एक बूँद भी नहीं मिल रही थी।
हक़ माँगने से नहीं मिलते, छीने जाते हैं।हर्ष छिकारा, चानौत धरने से, जून 2026
बेटी मनीषा के लिए
इस कठिन घड़ी में हर्ष छिकारा पीड़ित परिवार और ग्रामीणों के साथ खड़े हुए, और अफ़वाहों से बचने व शांतिपूर्ण संघर्ष का आह्वान किया।
मनीषा बहन का नहीं, ये लोकतंत्र का अंतिम संस्कार हो रहा है।हर्ष छिकारा, 21 अगस्त 2025
“हक़ की आवाज़ उठाता रहूँगा”: न्याय की माँग, अगस्त 2025
आधी रात धरनास्थल पर, ढाणी लक्ष्मण, 19 अगस्त 2025
ढिगावा (लोहारू) में धरना, 17 अगस्त 2025
न्याय के लिए एकजुट गाँव, ढाणी लक्ष्मणमासूम बेटी के लिए जंतर-मंतर पर 10 बार आंदोलन
उत्तर प्रदेश के टप्पल में ढाई साल की बच्ची के साथ हुई बर्बरता के मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया और कठोरतम सज़ा के क़ानूनी प्रावधानों की माँग को मज़बूती दी।
पहले इंसान, फिर बाक़ी सब
पुलवामा हमले के बाद 40 प्रमुख शहरों को बंद करने का अभियान; 17 फ़रवरी 2019 को जंतर-मंतर पर जवानों के हक़ में माँगें; धारा 35A हटवाने के लिए भूख हड़ताल। माँ गंगा की सफ़ाई के आंदोलन में 3500+ लोगों ने अपने खून से पत्र लिखे।
नूंह-मेवात की हिंसा के बाद भाईचारे की महापंचायत, मुस्लिम बहनों के पाटड़े चढ़कर भात, और 36 बिरादरी की महापंचायतें: हर मंच से एक ही संदेश।
धर्म ही तो अलग हैं, दिल तो एक ही है हिंदुस्तानी!हर्ष छिकारा, मई 2026
पुलवामा के बाद तिरंगा मार्च, फ़रवरी 2019
जवानों के हक़ में जंतर-मंतर, फ़रवरी 2019
धारा 35A हटने पर जश्न
पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि
तिरंगा यात्रा
मेवात का प्यार, जून 2024
झुग्गी की मुस्लिम बहन का विवाह, फ़रवरी 2024
रावतसर: बहन मदीना बानो की शादी, मार्च 2023
हिंदू-मुस्लिम भाइयों का साझा सहयोग, मार्च 2023
इंसानियत सबसे बड़ा धर्म
भाईचारे का आलिंगन
सिसाय: एक गरीब की कुटिया में मदद के लिए उमड़ा भाईचारा, सितंबर 2022
“अगर आदमी को आदमी में इंसान नज़र आ जाए”, जनवरी 2024शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज और संस्कृति के लिए
नित्य-प्रतिदिन के असंख्य कार्यों में से कुछ प्रमुख उदाहरण।
- किसानों की ऋण माफ़ी, MSP गारंटी और बिजली बिल माफ़ी के लिए धरने
- वन रैंक वन पेंशन और शहीद सैनिकों को शहीद का दर्जा
- विद्यार्थियों के हक़ और HSSC पेपर लीक मामले में आंदोलन
- PTI अध्यापकों, नर्सिंग स्टाफ़ और कर्मचारियों के हक़ में आवाज़
- जंतर-मंतर पर पहलवानों का समर्थन
- 250+ खिलाड़ियों को गोद लेकर डाइट व खेल-संसाधन
- बाल शोषण और नाबालिगों के यौन शोषण के विरुद्ध आंदोलन
- MBBS कोर्स की बढ़ी फ़ीस के विरुद्ध प्रदर्शन
- नशे और सट्टेबाज़ी के विरुद्ध निरंतर जागरूकता
- हज़ारों रक्तदान शिविर; लाखों को मुफ़्त दवा और जाँच
- 20 वर्ग किलोमीटर के दायरे में टोल टैक्स फ़्री करवाने में सफलता
- माँ-बोली हरियाणवी के लिए हरियाणवी कलाकारों के साथ अभियान
- शहीदों और महापुरुषों की प्रतिमाओं का नवीनीकरण
- BSF जवान तेज बहादुर के साथ जवानों के हक़ की लड़ाई













