टीम से जुड़ें
सेवा ही संकल्प

जहाँ उम्मीद टूटती है, वहीं से शुरुआत

कन्यादान, भात, आर्थिक सहयोग, महामारी में ऑक्सीजन, बाढ़ में राहत, गौ-सेवा और रक्तदान: “कोई गरीब भूखा न सोए” के संकल्प से शुरू हुई सेवा आज हज़ारों परिवारों का सहारा है।

हमारा तरीका

मदद कैसे पहुँचती है

हर मामले में एक ही क्रम। इसी से लाखों लोगों का भरोसा बना है।

  1. सूचनाज़रूरतमंद परिवार की जानकारी आती है
  2. सत्यापनटीम मौक़े पर जाकर जाँचती है
  3. अपीलसोशल मीडिया पर पोस्ट और लाइव
  4. सहयोगभाईचारे का दान सीधे परिवार तक
  5. पारदर्शितातस्वीरें और हिसाब सार्वजनिक
कन्यादान

हर बेटी, अपनी बेटी

जब किसी गरीब, अनाथ या बेसहारा परिवार की बेटी की शादी में पैसों की कमी आड़े आती है, तो टीम उस घर तक पहुँचती है। सोशल मीडिया पर अपील जाती है, और कुछ ही घंटों में हज़ारों भाई 10, 20, 50, 100 रुपये जोड़कर बेटी की विदाई का पूरा इंतज़ाम कर देते हैं।

झुग्गी में रहने वाली बेटियाँ हों या धानक, वाल्मीकि, बावरिया, राजपूत और मुस्लिम समाज की बहनें; हरियाणा से राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक, सेवा ने कभी जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखा।

1500+बेटियों के विवाह में स्वयं शामिल होकर कन्यादान
कई हज़ारविवाह पूरी टीम द्वारा
एक सच्ची कहानी, सोनीपत, अप्रैल 2024

न पिता, न भाई, और घर भी गिर चुका था

माँ मज़दूरी करती थी और छोटा-सा टूटा-फूटा घर भी गिराया जा चुका था। एक पोस्ट पर जुटे भाईचारे के दान से उस बेटी को विदाई में मिला:

₹31,000कन्यादान
1डबल बेड
1संदूक
1अलमारी
1सिलाई मशीन
1गैस चूल्हा
51बर्तन
2गद्दे
देवसर (भिवानी): 130वीं बेटी का विवाह, मई 2022देवसर (भिवानी): 130वीं बेटी का विवाह, मई 20223 बेटियों का विवाह व 2 भात, जुलाई 20243 बेटियों का विवाह व 2 भात, जुलाई 2024सातरोड कलाँ (हिसार), अप्रैल 2024सातरोड कलाँ (हिसार), अप्रैल 2024नेत्रहीन विधवा माँ की बेटी का विवाह, फ़रवरी 2023नेत्रहीन विधवा माँ की बेटी का विवाह, फ़रवरी 2023खरक कलाँ: वाल्मीकि समाज की बेटी, मार्च 2023खरक कलाँ: वाल्मीकि समाज की बेटी, मार्च 2023गढ़ी घसीटा, अगस्त 2024गढ़ी घसीटा, अगस्त 2024टिकोला (सोनीपत): 2 बेटियाँ, जुलाई 2024टिकोला (सोनीपत): 2 बेटियाँ, जुलाई 2024थरा: अनाथ बेटी का विवाह, अप्रैल 2024थरा: अनाथ बेटी का विवाह, अप्रैल 2024जवाहरा (सोनीपत), मार्च 2024जवाहरा (सोनीपत), मार्च 2024बलंभा (महम): बिना पिता की बेटी, अप्रैल 2024बलंभा (महम): बिना पिता की बेटी, अप्रैल 2024झुग्गी की बेटी का विवाह, फ़रवरी 2024झुग्गी की बेटी का विवाह, फ़रवरी 2024मदनहेड़ी, नवंबर 2023मदनहेड़ी, नवंबर 2023बिना पिता-भाई की बहन, अक्टूबर 2023बिना पिता-भाई की बहन, अक्टूबर 2023परढाणा (पानीपत), जुलाई 2023परढाणा (पानीपत), जुलाई 2023सातरोड (हिसार): 2 बहनें, जून 2023सातरोड (हिसार): 2 बहनें, जून 2023सीकर (राजस्थान): 2 बहनों का मायरा, जून 2023सीकर (राजस्थान): 2 बहनों का मायरा, जून 2023गुहणा (गोहाना): 2 बेटियाँ, मई 2023गुहणा (गोहाना): 2 बेटियाँ, मई 2023कासंडा (गोहाना), अप्रैल 2023कासंडा (गोहाना), अप्रैल 2023बरवाला: जोहड़ किनारे झुग्गी की बहन, फ़रवरी 2023बरवाला: जोहड़ किनारे झुग्गी की बहन, फ़रवरी 2023जींद: बिना भाई की बहन, फ़रवरी 2023जींद: बिना भाई की बहन, फ़रवरी 2023हलवास (भिवानी): 2 बेटियाँ, दिसंबर 2022हलवास (भिवानी): 2 बेटियाँ, दिसंबर 2022भेरी अकबरपुर (उकलाना), अगस्त 2024भेरी अकबरपुर (उकलाना), अगस्त 2024खरक (भिवानी), मार्च 2023खरक (भिवानी), मार्च 2023भटगाँव: चुनाव के बाद भी वादा निभाया, अक्टूबर 2024भटगाँव: चुनाव के बाद भी वादा निभाया, अक्टूबर 2024छपरौली (उ.प्र.), दिसंबर 2024छपरौली (उ.प्र.), दिसंबर 2024पंघाल (बरवाला): 3 बेटियाँ, मई 2022पंघाल (बरवाला): 3 बेटियाँ, मई 2022भगत सिंह जयंती पर कन्यादान, सितंबर 2020भगत सिंह जयंती पर कन्यादान, सितंबर 2020राजस्थान के मिस्त्री भाई की बहन, अगस्त 2025राजस्थान के मिस्त्री भाई की बहन, अगस्त 2025बहन रितु का विवाह, फ़रवरी 2026बहन रितु का विवाह, फ़रवरी 2026झुग्गी की 2 बहनें, दिसंबर 2020झुग्गी की 2 बहनें, दिसंबर 2020
भाई बनकर भात

रिश्तों की परंपरा, सेवा का संकल्प

हरियाणा और राजस्थान की परंपरा में बहन की संतान के विवाह पर भाई “भात” (मायरा) लेकर आता है। जिन बहनों का न भाई था, न पिता, उनके आँगन में यह रस्म अधूरी न रहे, इसलिए हर्ष छिकारा उनके भाई बनकर पहुँचे।

सिवानका (बरोदा) में साढ़े 6 लाख रुपये का भात भरकर जागरूकता की मिसाल पेश की गई। मार्च 2025 में हिसार के गाँव मात्रश्याम में धर्म-बहन राजबाला का भात भरने पूरा काफ़िला पहुँचा।

150+बहनों का भात, जिनके न भाई था, न पिता
65 लाख+बार देखा गया “एक और बहन का भरा भात” वीडियो
₹6.5 लाखसिवानका गाँव में एक भात
मात्रश्याम (हिसार): धर्म-बहन राजबाला का भात, मार्च 2025मात्रश्याम (हिसार): धर्म-बहन राजबाला का भात, मार्च 2025दुजाना: बावरिया समाज की बहन, फ़रवरी 2022दुजाना: बावरिया समाज की बहन, फ़रवरी 2022सोंटा (अंबाला), अगस्त 2022सोंटा (अंबाला), अगस्त 2022कथूरा: ईद व निर्जला एकादशी के दिन भात, जून 2024कथूरा: ईद व निर्जला एकादशी के दिन भात, जून 2024भटगाँव (सोनीपत), जनवरी 2023भटगाँव (सोनीपत), जनवरी 2023मात्रश्याम: भात लेकर गाँव में, मार्च 2025मात्रश्याम: भात लेकर गाँव में, मार्च 2025मात्रश्याम, मार्च 2025मात्रश्याम, मार्च 2025मुस्लिम बहन के पाटड़े चढ़कर भात, मार्च 2023मुस्लिम बहन के पाटड़े चढ़कर भात, मार्च 2023भटगाँव (सोनीपत), जनवरी 2023भटगाँव (सोनीपत), जनवरी 2023अनोखु (सीकर): अग्निकांड में माता-पिता खो चुकी बहन, 2023अनोखु (सीकर): अग्निकांड में माता-पिता खो चुकी बहन, 2023रायपुर (सोनीपत), फ़रवरी 2023रायपुर (सोनीपत), फ़रवरी 2023मार्च 2023मार्च 2023खानपुर, मार्च 2025खानपुर, मार्च 2025अक्टूबर 2024अक्टूबर 2024रधाना (जींद): 6 बहनें, कोई भाई नहीं, 2022रधाना (जींद): 6 बहनें, कोई भाई नहीं, 2022कथूरा, जून 2024कथूरा, जून 2024मात्रश्याम: बुज़ुर्गों का आशीर्वाद, 2025मात्रश्याम: बुज़ुर्गों का आशीर्वाद, 2025कथूरा: भात की रस्म, जून 2024कथूरा: भात की रस्म, जून 2024मात्रश्याम: बुज़ुर्गों का आशीर्वाद, मार्च 2025मात्रश्याम: बुज़ुर्गों का आशीर्वाद, मार्च 2025मात्रश्याम में भात, मार्च 2025मात्रश्याम में भात, मार्च 2025
कोरोना महामारी

मानवता की ढाल

हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर सोनीपत से शुरुआत, और फिर देश के अलग-अलग हिस्सों तक राहत।

5 लाख+ज़रूरतमंदों तक भोजन, दवाइयाँ और राशन
1500+ऑक्सीजन सिलेंडर व कंसंट्रेटर वितरित
1000+मरीज़ों को अस्पतालों में बेड
65,000+लोगों को रक्त, 5000+ मरीज़ों को प्लाज़्मा
75,000+सर्दियों में असहायों को कंबल
बाढ़ राहत

डूबे खेत, साथ खड़े हाथ

यह समय जनसभाएँ करने का नहीं, बाढ़ पीड़ित भाइयों की मदद करने का है।हर्ष छिकारा, सितंबर 2025

सितंबर 2025 में जब पंजाब और हरियाणा के हज़ारों गाँव पानी में डूबे थे, टीम राहत-सामग्री, तिरपाल और लंगर लेकर स्वयं पंजाब के बाढ़ग्रस्त गाँवों तक पहुँची। खेतों के रास्ते सुधारने के लिए ₹1 लाख और जुआँ गाँव को ₹51,000 का डीज़ल दिया गया।

गौ-सेवा, रक्तदान, चिकित्सा

जीव-सेवा भी उतनी ही ज़रूरी

गौ सेवा सदन में 125 गौमाताओं की सँभाल की जाती रही है, जहाँ दूध, गोमूत्र और गोबर निःशुल्क दिए जाते हैं। डाटा रोड, हांसी में गौशाला के लिए 2 एकड़ ज़मीन दान की गई।

हर रविवार निःशुल्क आयुर्वेदिक शिविर लगता है, जिसमें अनुभवी वैद्य मुफ़्त OPD करते हैं और वृद्ध, असहाय और गरीबों को मुफ़्त दवाई दी जाती है। कोसली के काँवड़ियों की दुर्घटना में मृतकों के परिवारों को ₹25 लाख से अधिक की सहायता दी गई।

आर्थिक सहयोग

₹50 करोड़ से अधिक की नकद मदद

हज़ारों गरीब कन्याओं की शादी, शिक्षा और स्वास्थ्य, किसानों, जवानों और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन। सीसर ख़ास की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बहन, जो घरों में झाड़ू-पोंछा करने को मजबूर थी, उसका मुद्दा उठाने पर ₹40–50 लाख की मदद जुटी।