
जहाँ उम्मीद टूटती है, वहीं से शुरुआत
कन्यादान, भात, आर्थिक सहयोग, महामारी में ऑक्सीजन, बाढ़ में राहत, गौ-सेवा और रक्तदान: “कोई गरीब भूखा न सोए” के संकल्प से शुरू हुई सेवा आज हज़ारों परिवारों का सहारा है।
मदद कैसे पहुँचती है
हर मामले में एक ही क्रम। इसी से लाखों लोगों का भरोसा बना है।
- सूचनाज़रूरतमंद परिवार की जानकारी आती है
- सत्यापनटीम मौक़े पर जाकर जाँचती है
- अपीलसोशल मीडिया पर पोस्ट और लाइव
- सहयोगभाईचारे का दान सीधे परिवार तक
- पारदर्शितातस्वीरें और हिसाब सार्वजनिक
हर बेटी, अपनी बेटी
जब किसी गरीब, अनाथ या बेसहारा परिवार की बेटी की शादी में पैसों की कमी आड़े आती है, तो टीम उस घर तक पहुँचती है। सोशल मीडिया पर अपील जाती है, और कुछ ही घंटों में हज़ारों भाई 10, 20, 50, 100 रुपये जोड़कर बेटी की विदाई का पूरा इंतज़ाम कर देते हैं।
झुग्गी में रहने वाली बेटियाँ हों या धानक, वाल्मीकि, बावरिया, राजपूत और मुस्लिम समाज की बहनें; हरियाणा से राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक, सेवा ने कभी जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखा।
न पिता, न भाई, और घर भी गिर चुका था
माँ मज़दूरी करती थी और छोटा-सा टूटा-फूटा घर भी गिराया जा चुका था। एक पोस्ट पर जुटे भाईचारे के दान से उस बेटी को विदाई में मिला:
देवसर (भिवानी): 130वीं बेटी का विवाह, मई 2022
3 बेटियों का विवाह व 2 भात, जुलाई 2024
सातरोड कलाँ (हिसार), अप्रैल 2024
नेत्रहीन विधवा माँ की बेटी का विवाह, फ़रवरी 2023
खरक कलाँ: वाल्मीकि समाज की बेटी, मार्च 2023
गढ़ी घसीटा, अगस्त 2024
टिकोला (सोनीपत): 2 बेटियाँ, जुलाई 2024
थरा: अनाथ बेटी का विवाह, अप्रैल 2024
जवाहरा (सोनीपत), मार्च 2024
बलंभा (महम): बिना पिता की बेटी, अप्रैल 2024
झुग्गी की बेटी का विवाह, फ़रवरी 2024
मदनहेड़ी, नवंबर 2023
बिना पिता-भाई की बहन, अक्टूबर 2023
परढाणा (पानीपत), जुलाई 2023
सातरोड (हिसार): 2 बहनें, जून 2023
सीकर (राजस्थान): 2 बहनों का मायरा, जून 2023
गुहणा (गोहाना): 2 बेटियाँ, मई 2023
कासंडा (गोहाना), अप्रैल 2023
बरवाला: जोहड़ किनारे झुग्गी की बहन, फ़रवरी 2023
जींद: बिना भाई की बहन, फ़रवरी 2023
हलवास (भिवानी): 2 बेटियाँ, दिसंबर 2022
भेरी अकबरपुर (उकलाना), अगस्त 2024
खरक (भिवानी), मार्च 2023
भटगाँव: चुनाव के बाद भी वादा निभाया, अक्टूबर 2024
छपरौली (उ.प्र.), दिसंबर 2024
पंघाल (बरवाला): 3 बेटियाँ, मई 2022
भगत सिंह जयंती पर कन्यादान, सितंबर 2020
राजस्थान के मिस्त्री भाई की बहन, अगस्त 2025
बहन रितु का विवाह, फ़रवरी 2026
झुग्गी की 2 बहनें, दिसंबर 2020रिश्तों की परंपरा, सेवा का संकल्प
हरियाणा और राजस्थान की परंपरा में बहन की संतान के विवाह पर भाई “भात” (मायरा) लेकर आता है। जिन बहनों का न भाई था, न पिता, उनके आँगन में यह रस्म अधूरी न रहे, इसलिए हर्ष छिकारा उनके भाई बनकर पहुँचे।
सिवानका (बरोदा) में साढ़े 6 लाख रुपये का भात भरकर जागरूकता की मिसाल पेश की गई। मार्च 2025 में हिसार के गाँव मात्रश्याम में धर्म-बहन राजबाला का भात भरने पूरा काफ़िला पहुँचा।
मात्रश्याम (हिसार): धर्म-बहन राजबाला का भात, मार्च 2025
दुजाना: बावरिया समाज की बहन, फ़रवरी 2022
सोंटा (अंबाला), अगस्त 2022
कथूरा: ईद व निर्जला एकादशी के दिन भात, जून 2024
भटगाँव (सोनीपत), जनवरी 2023
मात्रश्याम: भात लेकर गाँव में, मार्च 2025
मात्रश्याम, मार्च 2025
मुस्लिम बहन के पाटड़े चढ़कर भात, मार्च 2023
भटगाँव (सोनीपत), जनवरी 2023
अनोखु (सीकर): अग्निकांड में माता-पिता खो चुकी बहन, 2023
रायपुर (सोनीपत), फ़रवरी 2023
मार्च 2023
खानपुर, मार्च 2025
अक्टूबर 2024
रधाना (जींद): 6 बहनें, कोई भाई नहीं, 2022
कथूरा, जून 2024
मात्रश्याम: बुज़ुर्गों का आशीर्वाद, 2025
कथूरा: भात की रस्म, जून 2024
मात्रश्याम: बुज़ुर्गों का आशीर्वाद, मार्च 2025
मात्रश्याम में भात, मार्च 2025मानवता की ढाल
हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर सोनीपत से शुरुआत, और फिर देश के अलग-अलग हिस्सों तक राहत।
लॉकडाउन में हरियाणा पुलिस के साथ, मार्च 2020
गाड़ी बनी सब्ज़ी की रेहड़ी, मार्च 2020
ऑक्सीजन सिलेंडर सेवा, मई 2021
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, मई 2021
निःशुल्क ऑक्सीजन सेवा
स्वयं रक्तदान करते हुए
अस्पताल में मरीज़ों के बीच, मई 2021
ऑक्सीजन लेकर रवाना, मई 2021
500 महिलाओं को सैनिटरी पैड, अप्रैल 2020
सर्दियों में कंबल वितरणडूबे खेत, साथ खड़े हाथ
यह समय जनसभाएँ करने का नहीं, बाढ़ पीड़ित भाइयों की मदद करने का है।हर्ष छिकारा, सितंबर 2025
सितंबर 2025 में जब पंजाब और हरियाणा के हज़ारों गाँव पानी में डूबे थे, टीम राहत-सामग्री, तिरपाल और लंगर लेकर स्वयं पंजाब के बाढ़ग्रस्त गाँवों तक पहुँची। खेतों के रास्ते सुधारने के लिए ₹1 लाख और जुआँ गाँव को ₹51,000 का डीज़ल दिया गया।
जीव-सेवा भी उतनी ही ज़रूरी
गौ सेवा सदन में 125 गौमाताओं की सँभाल की जाती रही है, जहाँ दूध, गोमूत्र और गोबर निःशुल्क दिए जाते हैं। डाटा रोड, हांसी में गौशाला के लिए 2 एकड़ ज़मीन दान की गई।
हर रविवार निःशुल्क आयुर्वेदिक शिविर लगता है, जिसमें अनुभवी वैद्य मुफ़्त OPD करते हैं और वृद्ध, असहाय और गरीबों को मुफ़्त दवाई दी जाती है। कोसली के काँवड़ियों की दुर्घटना में मृतकों के परिवारों को ₹25 लाख से अधिक की सहायता दी गई।
सड़क पर घूमने वाली गौमाता की डिलीवरी, मार्च 2020
गौ सेवा सदन में बछड़े के साथ
गौमाता की डिलीवरी स्वयं करवाई, अप्रैल 2020
गौवंश के बीच
जुआँ गाँव की पंचायत को खागड़ दान, 2025
सिसाना: रक्तदान शिविर व भंडारा, अप्रैल 2023
धनौरी गौशाला, 2020
हादसे में घायल आवारा गौमाता की सेवा, जो फिर ब्याई, मई 2020
गौशाला की “भूरी”, जून 2020
कोरोना काल में गौशाला से दूध निःशुल्क, मार्च 2020
अपनी गौशाला में, अप्रैल 2021₹50 करोड़ से अधिक की नकद मदद
हज़ारों गरीब कन्याओं की शादी, शिक्षा और स्वास्थ्य, किसानों, जवानों और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन। सीसर ख़ास की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बहन, जो घरों में झाड़ू-पोंछा करने को मजबूर थी, उसका मुद्दा उठाने पर ₹40–50 लाख की मदद जुटी।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में योगदान, 2020
कागसर: फ़सल जलने पर किसान परिवारों की मदद, 2020
बेटी की शादी के लिए आई माँ की मदद, 2021
सिसाय: गरीब की कुटिया तक मदद, 2022
सिद्धमुख (राजस्थान): परिवार की मदद, 2025
दोदवा: माँ को खो चुकी बेटी के घर, 2024
जहाँ हर्ष छिकारा, वहाँ अपनों का जनसैलाब
विशाल जनसभाएँ
मंच से भाईचारे का आह्वान
टीम के साथियों के नेतृत्व में भात, 2024
टीम हर्ष छिकारा






